Bad Time और Problems को Face कैसे करें?

Bad Time और Problems ही इंसान को जीने की कला सिखाता है और हमें अनुभव (Experiance ) देता है।

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Bad Time और Problems को Face कैसे करें?
जिस वक़्त में आप खुद को अकेला पाते हैं, उस वक़्त यदि आपकी मदद कोई कर सकता है तो वो है आप स्वयं ।

नमस्ते ! आज हम जिंदगी के उस पहलू की बात करेंगे। एक ऐसा पहलू जिससे हर इंसान affected है। Bad Time की, और Problems की। बातें करेंगे कि क्या हम Bad Time और Problems को face कर सकते हैं या नहीं। आखिर बुरे वक़्त (Bad Time) और समस्याओं (Problems) का सामना (Face) कैसे करें?

अतीत को याद कर अपना वर्तमान बर्बाद न करें, ये आपको आपके Bad Time और Problems को Face करने में बाधक है

अक्सर हम अपने History के Memories में ऐसा खो जाते हैं कि हम अपने Present के सुनहरे पलों को यूं हीं गंवा देते है।

जबकि हक़ीक़त तो यही है न कि History के बारे में कितना भी सोचे, चिंता करें, उस पर अपना Present बर्बाद करें, हम चाह कर भी उसे ठीक नहीं कर सकते। तो फिर हमारा Heart भी यही reply देता है कि उसे ठीक नहीं कर सकते, तो उस पर अपना Time बर्बाद करके क्या फायदा?

Bad Time में अफसोस करने से अच्छा है, उससे लड़ने की हिम्मत स्वयं जुटाना

यदि हम सिर्फ अपने Momories और History पर ही आश्रित हो जाएँ, ये सोच के कि, मैंने ये खोया- मैंने वो खोया। मैंने अपना इतना सारा Time और Money बर्बाद किया।
Problems पर नहीं, उसके Solutions पर ध्यान केन्द्रित करें

जरा Heart पे हाथ रख के सोचिए। क्या ये सच नहीं है कि सिर्फ इन बातों को सोच कर, हम पछतावा करते हैं, तो हम अपने उन हसीन पलों को भी waste करते हैं, जिसमे निश्चित रूप से कुछ अच्छा कर सकते हैं।
दुख तो उस Time और ज्यादे होता है, जब ये Emotions इतने प्रबल हो जाते हैं, जब हम निराशा के घोर अंधकार में डूब जाते हैं। हम खुद को Zero समझने लगते हैं। हम खुद को ही हीन भावना से देखने लगते हैं। ये निराशा कुछ इस कदर हावी हो जाती है, जब Person खुद को ही खत्म करने के बारे में सोचने लगता है। और वो Person अपनी life खत्म कर लेता है।
लेकिन क्या, इस Life के बाद Problems खत्म हो जाएंगी, इस बात कि क्या guarantee है?

आप हैं, तभी ये दुनिया है

तो क्यों न, उन बुरे Time को याद कर रोने से अच्छा, ये विचार किया जाय कि इस situation को हम कैसे ठीक कर सकते हैं। क्यों न हम कुछ क्षण के लिए खुद को ही cheat करें और उस बुरे time को भूल कर एक बार, एक नए तरीके से सोचें।

अपने Future की रूप रेखा बनाएँ। क्योंकि यदि आप हैं, तभी तो ये world है। अपना सारा ध्यान Problems के बारे में सोचने पर नहीं, बल्कि उसके solution के बारे में सोचना पर लगाना चाहिए।
यदि आप अपने Future पर ध्यान लगाते हैं और उसे जीने की कोशिश करते हैं तो surely आप अपने मन से उन बातों को भी भुला पाएंगे, जिनकी वजह से Problems आ रही है।

आपका Mind, History के उन memories से बाहर आएगा। आप एक सुकून का अनुभव करेंगे। आपके Heart का बोझ धीरे-धीरे ही सही कम हो जाएगा।

समस्याओं का क्या है? ये तो आते-जाते रहेगें……

यदि आप Problems का सामना कर रहे हैं, तो बुद्धिमानी इसी में है कि आप अपना बहुत सारा Time उन Problems के बारे में ही सोचने पर ही waste न करें।

Problems पर ध्यान केन्द्रित करने से अच्छा यह है कि उसके Solutions पर अपने ध्यान को केन्द्रित करने का प्रयास करें। और एक दिन ऐसा आएगा, जब आपको लगेगा, Problem तो आपके नजरिए के साथ ही बदल गया।

एक बार आपने सही रास्ता पकड़ लिया न, तो World की कोई भी परेशानी आपसे ज्यादे बड़ी नहीं है। राहें खुद ब खुद easy होगी। पक्का यकीन रखिए।

Problems की जिद यदि आपको तबाह करना है तो आपमें भी हिम्मत है उसे खत्म करने की

यदि destination आपका है, तो इसका path भी आप जरूर ढूंढ ही लेंगे.

कुल मिलाकर बात करें तो आइए उठिए और अपने Mind को विचारों से भरिए। उन विचारों से, जो आपके कल का base बनेगा। Problems के बारे में बहुत ज्यादे worry होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपके History की ये वजहें, काफी हैं आपको बर्बाद करने के लिए।

तो जरा उठिए और अपने Future को सँवारने के लिए चलिये। एक नए Faith के साथ। एक नए संकल्प के साथ। एक नये जोश के साथ कि Problems अस्थायी हैं और एक दिन ये खत्म हो जाएगी। पर आपका जो आज waste हो गया ना, वो फिर नहीं आएगा। क्यों न, अपने Future को सजाने कि कोशिश करें और उसका उत्साह के साथ जश्न मनाएँ। अपने आप को Happy और Postive रखें ताकि अपने कल का अभिनंदन कर सकें।
अपने Heart में हमेशा एक faith अवश्य बना के रखें:-

शाखें रहीं तो फूल भी, पत्ते भी आएंगे

ये दिन अगर बुरे हैं, तो अच्छे भी आएंगे

निष्कर्ष

आज हमने बातें की की आखिर Bad Time और Problems को Face कैसे करें। कुल मिलाकर कहें तो इन परिस्थितियों (situations) में ही हमारी परीक्षा (Examination) होती है। इससे लड़ने की भी क्षमता (capicity) भी हमारे अंदर है।